उज्बेकिस्तान चीनी मिलों को देगा उर्जितावस्था

उज्बेकिस्तान: मुद्रा के भारी अवमूल्यन की वजह से उज्बेकिस्तान में एक किलोग्राम चीनी की किमत UZS6,000 के मुकाबले $ 0.77 यूएस डॉलर तक पहुंची है। उज्बेकिस्तान चीनी की घरेलू मांग आयात से पूरी करता है। इससे करन्सी पर और दबाव देखा जा रहा है, इसी लिए उज्बेकिस्तान २०१७ में बंद कर दी गई चीनी मिलों को उर्जितावस्था देने की योजना बना रहा है ।

“यूकेकेस कंट्रोलर” के उपाध्यक्ष एस्टिला सलीमोवा के अनुसार, राष्ट्रीय मुद्रा के अवमूल्यन के कारण उज्बेकिस्तान में 2017 में बंद की गयी चीनी मिलें फिरसे शुरू करने की योजना बनाई जा रही है,। उनके अनुसार, मुद्रा अवमूल्यन से चीनी का दर UZS6,000 किलोग्राम हुआ है और करन्सी अवमूल्यन से किसान अभी भी निजी क्षेत्र के साथ प्रतिस्पर्धा करने में सक्षम नहीं हैं। इसके चलते सलीमोव ने कहा कि, 2018 में “एंग्रेन-शकर” चीनी मिल फिर से शुरू की योजना उज्बेकिस्तान सरकार ने बनाई है। उज्बेकिस्तान में 2017 में “खोराज़-शकर और एंग्रेन-शक” यह दो चीनी मिलें बंद कर दी है । इन दो चीनी मिलों की कुल उत्पादन क्षमता 700,000 टन है।

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