मराठवाड़ा के 9 बड़े बांधों में से 6 में जल संकट

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औरंगाबाद: सिंचाई विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार राज्य के सूखाग्रस्त मराठवाड़ा क्षेत्र में शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों को पानी आपूर्ति करने वाले 9 प्रमुख बांधों में से 6 में पानी काफी कम है। बीड में मंजरा और माजलगांव, हिंगोली में सिद्धेश्वर, उस्मानाबाद में लोअर तेरना और सिना कोलेगाँव सहित, परभणी में लोअर दुधाना में अभी भी कम बारिश के कारण जल संकट बना हुआ हैं।

आंकड़ों के मुताबिक मराठवाड़ा में 9 प्रमुख और 800 मध्यम और लघु सिंचाई परियोजनाएँ हैं। रिपोर्ट के अनुसार इस क्षेत्र के प्रमुख प्रोजेक्टों में जल भंडारण की स्थिति थोड़ी सुधरी है। ये 56.47% जितना है जो पिछले साल 30.49% थी।

आज प्रमुख प्रोजेक्टों में कुल 3,828.65 मिलियन क्यूबिक मीटर (एमसीएम) पानी है। हालांकि, मध्यम आकार की परियोजनाओं के परिदृश्य धूमिल लगते हैं। माराठवाड़ा (औरंगाबाद क्षेत्र) में मध्यम परियोजनाओं में 317.19 एमसीएम पानी है, जो उनकी कुल क्षमता का 21.06 प्रतिशत है। पिछले साल यह 24.25 प्रतिशत था।

4,473.44 एमसीएम के सकल भंडारण के साथ छोटे प्रोजेक्ट थोड़े बेहतर आकार में हैं। विभाग की रिपोर्ट में कहा गया है कि यह भंडारण कुल क्षमता का 40.89 प्रतिशत है, जो पिछले साल 26.92 प्रतिशत था। 9 में से 6 प्रमुख परियोजनाएं शुष्क भंडारण की स्थिति में हैं, जबकि दो – औरंगाबाद में जयकवाड़ी और नांदेड़ में लोअर मनार भरी हुई है।

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