कौन भुगतेगा गन्ना किसानों की नाराजगी का खामियाजा…

 

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महाराष्ट्र में दूसरे चरण में आज हो रहा है ‘गन्ना बेल्ट’ में चुनाव; एफआरपी बकाया मुद्दा होगा अहम

मुंबई : चीनी मंडी

महाराष्ट्र में भी गन्ना बकाया मुद्दा राजकीय गलियारों में भुनाया जा रहा है, अब लोकसभा चुनाव के दूसरे चरण में 18 अप्रैल को महाराष्ट्र की 10 गन्ना बेल्ट की सीटों पर चुनाव होना है, इन सभी जगहों पर गन्ना बकाया मुद्दा काफी अहम है। सत्ताधारी और विपक्षी आरोप- प्रत्यारोपों में जुट गया है, अब एफआरपी भुगतान में देरी के चलते किसानों की इस नाराजगी का खामियाजा किसे भुगतना पड़ेगा, यह देखना काफी दिलचस्प होगा। राज्य के गन्ना किसानों का चीनी मिलों पर अभी भी लगभग 5 हजार करोड़ रुपये का बकाया है। बकाया भुगतान में देरी से किसान, मिलर्स और राज्य सरकार से नाराज हैं।

बुलढाना, अकोला, अमरावती, हिंगोली, नांदेड़, परभणी, बीड, उस्मानाबाद, लातूर और सोलापुर सीटों पर दूसरे चरण में मतदान होने जा रहा है, यह सभी सीटें गन्रा बहुल क्षेत्र की है। 2014 के लिहाज से देंखें तो इन 10 सीटों में से पांच सीटों पर भाजपा जीती थी, जबकि शिवसेना के तीन और कांग्रेस के दो सांसद यहाँ से चुने गये थे। अधिशेष चीनी की समस्या को कम करने और चीनी बिक्री को बढ़ावा मिलने के लिए केंद्र सरकार ने हर मुमकिन कोशिश की, लेकिन फिर भी गन्ना बकाया कम नहीं हुआ है। इससे किसानों में काफी आक्रोश है, विपक्षी दलों द्वारा गन्ना बकाया भुगतान मुद्दा चुनाव में भुलाने की कोशिश की जा रही है, जबकि सत्ताधारी भाजपा और शिवसेना चीनी उद्योग के लिए केंद्र सरकार द्वारा की गई कोशिशों की मतदाताओं को जानकारी दे रहे है।

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