चीनी मिलों में रुके हुए काम होंगे फिर से शुरु

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16 नवम्बर, चंडीगढ़: देशभर में गन्ना उत्पादक राज्यों में कही पर गन्ना पैराई सत्र शुरु हो गया है तो कहीं पर तैयारियां चल रही है। हरियाणा में चुनाव समाप्त हो गए है। नई सरकार ने जिम्मेदारी संभाली है। हालांकि चुनावी चक्र के चलते चीनी मिलों में कई जगह काम की गति पर ब्रेक लग गए थे जो अब नई सरकार के कार्यकाल में पूरे होंगे।

इसी तरह का मामला है हरियाणा के सोनीपत के आहुलाना में स्थित चौ. देवीलाल सहकारी चीनी मिल का है, जिसकी वर्तमान पैराई क्षमता को बढ़ाने की घोषणा पिछली सरकार के कार्यकाल में हुई थी लेकिन चुनावी व्यस्तता और आचार संहिता के कारण कार्य अंजाम तक नहीं पहुंच पाया।

प्रदेश के पूर्व सहकारिता मंत्री मनीष ग्रोवर ने चंडीगढ़ में मीडिया से अनौपचारिक बात करते हुए कहा कि इस चीनी मिल की स्थापना 2001 में हुई थी । 2012 से स्थानीय गन्ना किसान इस सहकारी मिल की पैराई क्षमता बढ़ाने की माँग कर रहे थे। गन्ना किसानों के प्रतिनिधि मंडल ने कई बार मुख्यमंत्री से मुलाक़ात की तो जनहित को ध्यान में रखते हुए सरकार ने बीते सितम्बर माह में स्थानीय गन्ना किसानों की माँग को मान लिया और इस चीनी मिल की वर्तमान पैराई क्षमता 25 हज़ार क्विंटल प्रतिदिन से बढ़ाकर 30 हज़ार क्विंटल प्रतिदिन गन्ना पराई करने की घोषणा की। फिर चुनाव आ गए और आचार संहिता लग गई। अब नई सरकार बनी है तो उम्मीद है कि 2020-21 के पैराई सीज़न तक इसकी बढ़ने की उम्मीद है।

प्रदेश की नई सरकार के सहकारिता मंत्री बनवारी लाल ने कहा कि हमारी सरकार प्रदेश के सहकारिजनों के कल्याण और विकास के लिए गंभीर है। प्रदेश में जितने भी सहकारी उपक्रम है उनका कायाकल्प किया जाएगा। चीनी मिलों में रुके हुए काम फिर से शुरु होंगे। समय पर गन्ना पैराई सत्र चले इसके लिए तमाम व्यवस्थाओं को दुरुस्त किया जाएगा। आहुलाना सहकारी चीनी मिल की पैराई क्षमता बढ़ाने के मसले पर मंत्री ने कहा कि इस मिल की पैराई क्षमता तत्कालीन सरकार ने 25 हज़ार टन गन्ना प्रतिदिन से 30 हज़ार टन गन्ना प्रतिदिन करने का निर्णय लिया था। आगामी सत्र 2020-21 में हम इसे अपडेट कर सुचारु कर देंगे। मंत्री ने चीनी मिलों और गन्ना किसानों के हितों की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि इस चीनी मिल का जल्द कायाकल्प किया जाएगा।

चौधरी देवीलाल सहकारी चीनी मिल के प्रबंध निदेशक आशीष कुमार ने कहा कि आहुलाना चीनी मिल की पैराई क्षमता बढ़ाने के लिये बीते सात साल से गन्ना किसान आंदोलन कर रहे थे। मिल में गन्ना की अधिक आपूर्ति और किसानों को हो रही परेशानी के कारण सरकार ने इसकी क्षमता विस्तार को मंज़ूरी दी थी। अगले सत्र तक इसे पूरा कर लिया जाएगा। कुमार ने कहा कि इस चीनी के बिज़नेस डीलर हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली के तीस से भी अधिक डीलर जुड़े है। चीनी मिल से उत्तम श्रेणी की एल,एम, और एस ग्रेड की चीनी के 50-50 किलो के बैग तैयार किए जाते है। आने वाले दिनों में इस चीनी मिल की पैराई क्षमता बढ़ने से न केवल गन्ना किसानों को फ़ायदा होगा वहीं चीनी मिल की आर्थिक स्थिति में भी सुधार होगा ।

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