उत्तर प्रदेश के गन्ना माफियाओं को अब मिलेगा सबक

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लखनऊ : चीनी मंडी 
गन्ने की बम्पर फसल और चीनी के अधिशेष उत्पादन से चीनी उद्योग काफी परेशान है। गन्ना बकाया भुगतान की देरी से किसानों में आक्रोश बढ़ रहा है और उसमे गन्ना माफियाओं ने किसानों की नाक में दम कर रखा है। लेकिन अब किसानों के आक्रामक तेवर को देखकर सरकार भी नर्म पड़ गयी है, और गन्ना माफियाओं को अब सबक सिखाने के लिए कदम उठाए जा रहे है।
भारतीय किसान यूनियन (अरा) के नेतृत्व में किसानों ने गन्ना बकाया भुगतान समेत लंबित मांगों के समर्थन में गुरुवार को मुरादाबाद जिलाधिकारी कार्यालय पर प्रदर्शन किया। प्रशासन ने आनन फानन में गन्ना एवं बिजली विभाग के अफसरों और मिल प्रबंधन को बुलवाकर किसानों की वार्ता कराई। इसमें किसानों को एक सप्ताह के भीतर 30 करोड़ का बकाया भुगतान कराने और गन्ना सिंडिकेट को खत्म करने के लिए किसानों का सर्वे करने का आश्वासन दिया गया। यूनियन के आह्वान पर गुरुवार को उत्तर प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों पर किसानों ने प्रदर्शन किया।
गन्ना अधिकारी ने कहा कि बिलारी के किसानों का 30 करोड़ रुपये की बकाया राशि एक सप्ताह के भीतर किसानों के खातों में ट्रांसफर हो जाएगी। किसानों ने बिचौलियों का मुद्दा उठाया और कहा कि गन्ना माफियाओं का सिंडिकेट बना है, जिन्होंने फर्जी तरीके से गन्ना का रकबा दर्शाया है। माफिया सट्टा पर्चियों में हेराफेरी कर रहे हैं। गन्ना अधिकारी ने कहा कि गन्ना विभाग, शुगर मिल प्रबंधन एवं समितियों की संयुक्त टीम बनेगी और गांवों में जाकर किसानों का भौतिक सत्यापन करेगी। फर्जी तरीके से खुद को किसान दर्शाने वालों के सट्टा पर्चियों को निरस्त किया जाएगा।
 
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