चीनी मिलों को दोहरी मार: गन्ने की कमी से पेराई पे खतरा और OMCs द्वारा कार्रवाई के संकेत

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मुंबई : चीनी मंडी

देश में चीनी उद्योग इस साल दोहरी मार झेल रहा है। पेराई शुरू होने में देरी के कारण मिलों का वित्तीय स्वास्थ्य खराब हो रहा है। गन्ने की कम उपलब्धता के कारण महाराष्ट्र की कई चीनी मिलें इस सीजन में पेराई शुरू नहीं कर सकीं है। दूसरी ओर, तेल विपणन कंपनियां (OMCs) इस साल के लिए प्रतिबद्ध इथेनॉल वितरित नहीं करने के लिए मिलों को दंडित करने की योजना बना रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि, तेल विपणन कंपनियां  इस सीजन में इथेनॉल वितरित नहीं करने के लिए चीनी मिलों को जुर्माना नोटिस भेजने की योजना बना रही हैं।

श्री रेणुका शुगर्स के अध्यक्ष रवि गुप्ता ने कहा, चीनी मिलों को आज दोहरी मार झेलनी पड़ रही है। इथेनॉल आपूर्ति के लिए डिस्टिलरी शुरू करने के लिए राज्य सरकार द्वारा अनुमति नहीं दी गई थी, इसलिए देरी हुई। अब, तेल विपणन कंपनियां उन्हें दंडित करने की योजना बना रही हैं।

इथेनॉल सम्मिश्रण कार्यक्रम के तहत, OMCs ने पेट्रोल के साथ 10 प्रतिशत इथेनॉल सम्मिश्रण का लक्ष्य तय किया है। गुप्ता ने यह भी कहा कि, मिलों को किसानों और उपभोक्ताओं के बीच संतुलन बनाना होगा।

देश में चीनी अधिशेष से निपटने के लिए सरकार ने मिलों को चीनी इथेनॉल में परिवर्तित करने की अनुमति दी है। हालही में केंद्र सरकार ने बी- हैवी मोलासेस वाले इथेनॉल की कीमतें 52.43 रुपये प्रति लीटर से बढ़ाकर 54.27 रुपये प्रति लीटर कर दी हैं और वही दूसरी ओर सी-हैवी मोलासेस वाले इथेनॉल की कीमत 43.46 रुपये प्रति लीटर से बढ़ाकर 43.75 रुपये लीटर कर दी हैं। गन्ने के रस, चीनी, चीनी सीरप से सीधे बनने वाले इथेनॉल का भाव 59.48 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है।

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