गन्ना पर्ची ऑनलाइन होने से किसानों के कैलेंडर में आई तेजी

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मुजफ्फरनगर: गन्ना केंद्रों पर गन्ना पर्ची की पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता बरती जा रही है। आरोप है की गन्ना पर्ची में फर्जी पर्ची की खेल खेला जा रहा था। अब इसे नियंत्रित किया जा चुका है। किसान अब अपनी पर्ची आसानी से देख सकते है।

खबरों के मुताबिक किसानों के सारे डेटा ऑनलाइन है। गन्ना कैलेंडर 180 दिन का बनता है और 15 दिन का एक पक्ष होता है। इस 15 दिन में एक से छह दिन पेड़ी और सात से 12वां दिन पौधे के लिए होता हैं। प्रति वर्ष पहले पक्ष का गन्ना आपूर्ति होने में एक से दो माह के बीच लग जाते थे। जनवरी तक पहला पक्ष पहुंच जाता था। इस बार ऑनलाइन व्यवस्था होते ही कैलेंडर में तेजी आई है। खतौली, टिकौला चीनी मिल का पहले पक्ष का गन्ना खत्म हो गया है। मंसूरपुर, भैसाना और मोरना मिल का पहला पक्ष तेजी से चल रहा है।

मुजफ्फरनगर के जिला गन्ना अधिकारी डॉ. आरडी द्विवेदी ने कहा कि प्रत्येक सत्र में किसानों की समय से गन्ना पर्ची नहीं आने और कैलेंडर देरी से चलने की शिकायत रहती थी। अब उन्हें शिकायतें नहीं आएगी क्योंकि गन्ना पर्ची वितरण की व्यवस्था पूरी तरह पारदर्शी हो गई है और किसानों को पर्ची जारी होते ही एसएमएस भी मिलने लगा है।

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2 COMMENTS

  1. 6 बीघा गन्ना मेरे पास खड़ा है और मेरे नाम पर कोई भी पर्ची अभी तक नहीं आई सुपरवाइजर पर फोन करता हूं फोन उठाता नहीं है ओमराज सुपरवाइजर

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