कोल्हापुर-कराड-सांगली चीनी बाजारों के सामने ट्रान्सपोर्ट का संकट

कोल्हापुर : चीनी मंडी

पूरे भारत में भारी बारिश से आम जनजीवन अस्त-व्यस्त है। महाराष्ट्र के पुणे, सांगली, सतारा और कोल्हापुर जिलों में भी इसका असर हुआ है और जिलों में गन्ने की खेती को भारी नुकसान पहुंचा है। साथ ही साथ बाढ़ के वजह से बाजार से सम्पर्क टूट गया था, जिससे चीनी बाजार प्रभावित हुआ था। बाढ़ के कारण लगभग दस दिनों तक चीनी यातायात बंद था, जिससे चीनी बाजार को कुछ हद तक नुक्सान भी हुआ था। लेकिन अब चीनी उद्योग को एक नई समस्या का सामना करना पड़ सकता है। कोल्हापुर डिस्ट्रिक्ट लॉरी असोसीएशन द्वारा लागू किये गए नए नियम की वजह से कोल्हापूर, सांगली आणि कराड में चीनी की आपूर्ति पर असर पड़ सकता है।

कोल्हापुर डिस्ट्रिक्ट लॉरी असोसीएशन ने ट्रांसपोर्टर्स और व्यापीरियो के लिए नया नियम बनाया है। इस नियम के तहत अब जो माल की ढुलाई करेगा, मजदूर/ कुली भी उसके ही होंगे। कोल्हापुर डिस्ट्रिक्ट लॉरी असोसीएशन के हाल ही मे हुई बैठक में यह फैसला लिया गया। इस बैठक के लिए असोसीएशन के कोल्हापुर, सांगली और कराड के पदाधिकारी उपस्थित थे। इस नियम को सख्ती से लागू करने के आदेश दिए गए है।

इस बैठक में दो महत्वपुर्ण फैसले हुए, उसमें पहला है, जिसका माल, उसका मजदूर और दुसरा था, जिसका माल, उसका बीमा। इन दोंनो फैसलों की 9 अगस्त से कारवाई शुरू हो चुकी है। यह नियम जो तोडेगा उसपर कारवाई करने पर सहमती हुई है।

इसका असर तीनों जगह से होने वाले ट्रांसपोर्टेशन पे होगा और साथ ही साथ यातायात धीमी होने की भी संभावना है। यह मुख्य रूप से चीनी के परिवहन को प्रभावित करेगा। आपको बता दे, बाढ़ के दौरान सड़क बंद होने के कारण पश्चिमी महाराष्ट्र में चीनी मिलों से चीनी की यातायात ठप थी। अब जब सड़क यातायात सुचारू रूप से शुरू हो गया है, कोल्हापुर डिस्ट्रिक्ट लॉरी असोसीएशन द्वारा नए नियम से चीनी ट्रान्सपोर्ट पर संकट मंडरा रही है।

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