उत्तर प्रदेश के चीनी मिलों के लिए ज्यादा चीनी बिक्री कोटा की मांग

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लखनऊ : चीनी मंडी

गन्ना पेराई सत्र 2019-20 शुरू होने के कगार पर है, और उत्तर प्रदेश की चीनी मिलें 4,700 करोड़ रुपये गन्ना भुगतान बकाया के कारण आर्थिक समस्याओं से घिरी हुई है। इसलिए उत्तर प्रदेश सरकार केंद्र सरकार से राज्य में चीनी मिलों के लिए ज्यादा मासिक बिक्री कोटा को मंजूरी देने के लिए कहेगी।

2018-19 पेराई सत्र के लिए 33,048 करोड़ रुपये के कुल भुगतानों में अभी भी 4,700 करोड़ रुपये बकाया है।

गन्ना विकास और चीनी उद्योग मंत्री सुरेश राणा ने कहा की, हम केंद्र से आग्रह करेंगे कि वह राज्य में बकाया की स्थिति को देखते हुए, यूपी मिलों की बिक्री कोटा बढ़ाए। मैं इस संबंध में केंद्रीय खाद्य मंत्री रामविलास पासवान से जल्द मिलने की योजना बना रहा हूं। उन्होंने कहा कि डिफॉल्ट करने वाले मिलर्स ने अपने अनसोल्ड शुगर स्टॉक के कारण बकाया का निपटान करने में असमर्थता जताई थी। राज्य सरकार और निजी मिलर्स लंबे समय से यूपी मिलों के लिए उच्च कोटा की मांग कर रहे हैं। राणा ने कहा, हमने अक्टूबर के अंत तक 100 प्रतिशत बकाया भुगतान का लक्ष्य रखा हैं।

उन्होंने आगे कहा कि सह-उत्पन्न बिजली की खरीद के लिए यूपी पावर कॉरपोरेशन का राज्य की निजी मिलों पर लगभग 1,000 करोड़ रुपये बकाया है। हम किसानों के हितों में इस भुगतान को सुविधाजनक बनाने के लिए मुख्यमंत्री से भी अनुरोध करेंगे। गन्ना विभाग सहकारी मिलों पर गन्ना बकाया निपटाने के लिए सरकार से कम से कम 300 करोड़ रुपये के विशेष पैकेज की मांग करने की संभावना है। पिछले साल, योगी आदित्यनाथ सरकार ने किसानों के बकाया भुगतान के लिए सहकारी इकाइयों को 500 करोड़ रुपये आवंटित किए थे।

राणा ने कहा कि दीपावली के बाद पश्चिमी यूपी मिलों की गन्ना पेराई शुरू हो जाएगी। पूर्वी यूपी की ओर बढ़ते हुए, सभी मिलें नवंबर के मध्य तक चालू हो जाएंगी। गन्ना पेराई शुरू करेंगी

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