बांग्लादेश की सरकारी मिलों की चीनी बिक्री ठप; सस्ती आयातित चीनी से मुश्किलें बढ़ी

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ढाका : बांग्लादेश में सरकारी स्वामित्व वाली चीनी मिलों को कर्मचारियों के वेतन और किसानो के बकाया राशि ने मुश्किल में डाल दिया है, क्योंकि TK 342 करोड़ रुपये की कुल 57,065 टन चीनी अनसोल्ड रह गई है। कई चीनी मिलों के श्रमिक पिछले कुछ महीनों से अपने वेतन और बकाया राशि की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। बांग्लादेश के चीनी और खाद्य उद्योग निगम तहत 15 उद्यमों में उत्पादित चीनी गोदामों में पड़ी रही है, जबकि बांग्लादेश के एक अन्य राज्य के स्वामित्व वाली ट्रेडिंग कॉरपोरेशन स्थानीय बाजार से रियायती दर पर बड़ी मात्रा में खरीदी गई चीनी बेच रही है।

BSFIC के अधिकारियों ने कहा कि, चीनी निगम के डीलर भी निगम से चीनी खरीदने में अनिच्छा दिखा रहे हैं, क्योंकि आयातित चीनी की कीमत ‘बीएसएफआईसी’ के चीनी की दर से कम है। मिलों से कहा गया है कि, वे चीनी स्टॉक को बेचकर श्रमिकों का वेतन भुगतान करें, उन्होंने कहा कि उद्योग मंत्रालय ने इस उद्देश्य के लिए सरकार से फंड भी मांगा है।

‘बीएसएफआईसी’ के चेयरमैन सनत कुमार साहा ने मंगलवार को बताया कि, रमजान के महीने के चलते उन्होंने निजी रिफाइनर की मुनाफावसूली प्रयास के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए है। उन्होंने कहा कि, निजी क्षेत्र द्वारा आयातित और परिष्कृत चीनी भी ‘बीएसएफआईसी’ चीनी की तुलना में कम कीमत पर बेची जा रही है।

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